बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की शिकायतों का मुद्दा उठाते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। कांग्रेस ने इस विषय को मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा बताते हुए अब 1 नवंबर 2026 को दिल्ली में प्रस्तावित महारैली पर अपना ध्यान केंद्रित किया है।
मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोपों पर कांग्रेस की चिंता
बलौदाबाजार में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में संशोधन और पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। कांग्रेस ऑब्जर्वर शरद आहेर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अलग-अलग राज्यों में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
आहेर ने पश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि यदि घुसपैठियों की पहचान के नाम पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, तो चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे कितने लोगों की पहचान हुई और कार्रवाई के समर्थन में क्या प्रमाण उपलब्ध हैं। ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी या निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना नाम हटाए जाने से पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। पार्टी ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और नाम हटाने से संबंधित शिकायतों पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की।
कांग्रेस ने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के माध्यम से वह मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठा रही है। पार्टी का जोर इस बात पर है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनुचित तरीके से सूची से बाहर नहीं होना चाहिए।
1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित महारैली पर नजर
कांग्रेस के अभियान का अगला प्रमुख पड़ाव 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जन मार्च और महारैली है। पार्टी इस आयोजन के जरिए मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रही है।
बलौदाबाजार की प्रेसवार्ता के बाद अब नजर इस बात पर है कि दिल्ली में होने वाले इस आयोजन में कांग्रेस किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाती है और मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों पर चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

