उत्तर प्रदेश की राजनीति में समान नागरिक संहिता (UCC) का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में बड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनती है, तो राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उनके इस ऐलान के बाद प्रदेश में UCC को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
क्या है अमित शाह का ऐलान?
अमित शाह ने अपने संबोधन में UCC को लेकर भाजपा की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि तीसरी बार प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने पर इसे लागू किया जाएगा। इस बयान को उत्तर प्रदेश में भाजपा के आगामी राजनीतिक एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इसे लागू करने की प्रक्रिया, समयसीमा और प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
फिर चर्चा में आया समान नागरिक संहिता का मुद्दा
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य देश में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में समान कानून लागू करना है। UCC को लेकर देश में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा होती रही है। अमित शाह के ताजा बयान के बाद उत्तर प्रदेश में यह मुद्दा फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

