देहरादून/बद्रीनाथ:
उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) और राज्य की धामी सरकार ने बेहद कड़ा और त्वरित एक्शन लिया है।
शुरुआती जांच में गड़बड़ी के पुख्ता संकेत मिलने के बाद आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया गया है।
CCTV फुटेज से खुला राज, BKTC अध्यक्ष का निजी सचिव सस्पेंड
सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ धाम के दान काउंटर पर चढ़ावे की गिनती के दौरान हेराफेरी के आरोप लगने के बाद धार्मिक संगठन ‘भैरव सेना’ ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 घंटे के भीतर 4 सदस्यीय आंतरिक जांच कमेटी का गठन किया।
कमेटी द्वारा मंदिर परिसर के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और दस्तावेजों की प्राथमिक जांच करने के बाद, आरोपों में सच्चाई पाई गई। इसके बाद मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सचिव (प्राइवेट सेक्रेटरी) के रूप में तैनात नियमित सरकारी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया। इसके साथ ही पैसे की गिनती के काम में लगे अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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आरोपी कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज
विभागीय कार्रवाई के तुरंत बाद इस मामले ने कानूनी मोड़ ले लिया है। प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं (धारा 306 और 316) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह हरकत मंदिर की स्थापित और पारदर्शी परंपराओं के बिल्कुल खिलाफ है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कड़ा रुख, बनाई हाई लेवल कमेटी
बद्रीनाथ धाम में आस्था के साथ खिलवाड़ के इस मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस पावन धाम में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए 3 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप कर रहे हैं। इस हाई लेवल कमेटी को अगले 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को सौंपने के आदेश दिए गए हैं।
यह कमेटी भविष्य में दान-चढ़ावे के प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के लिए जरूरी सुझाव भी देगी।
“आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”— BKTC अध्यक्ष के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा:
“यह बेहद संवेदनशील मामला है क्योंकि बद्रीनाथ धाम से देश-विदेश के लाखों-करोड़ों लोगों की अटूट श्रद्धा जुड़ी हुई है। हमारी समिति भ्रष्टाचार को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करती है। जांच रिपोर्ट में जो भी अन्य लोग दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
फिलहाल मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम जनता से अपील की है कि जब तक उच्च स्तरीय जांच पूरी नहीं हो जाती,
तब तक सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक और अपुष्ट जानकारियों को साझा न करें।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

