शिमला:
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और दुरुपयोग का आरोप लगाया है। पार्टी ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक उच्च स्तरीय जांच (SC-monitored probe) कराने की पुरजोर मांग की है।
मुख्य बिंदु और आरोप:
- चंदे के दुरुपयोग का दावा: हिमाचल कांग्रेस के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा आस्था के साथ दिए गए दान का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है और ट्रस्ट के भीतर वित्तीय पारदर्शिता की भारी कमी है।
- सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की अपील: कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चूंकि यह मामला करोड़ों लोगों की आस्था और सार्वजनिक धन से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच केवल सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में ही संभव है ताकि सच सामने आ सके।
- राजनीतिक मोड़: आगामी चुनावों और सांगठनिक बैठकों के बीच हिमाचल कांग्रेस द्वारा उठाए गए इस कदम ने राज्य के राजनीतिक पारे को गरमा दिया है। विपक्षी दलों द्वारा इसे एक राजनीतिक स्टंट बताया जा रहा है, जबकि कांग्रेस इसे जनता के पैसे की जवाबदेही से जोड़ रही है।
पृष्ठभूमि
यह मांग ऐसे समय में आई है जब विभिन्न विपक्षी दल समय-समय पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भूमि सौदों और वित्तीय लेन-देन पर सवाल उठाते रहे हैं।
हिमाचल कांग्रेस ने अब इस मुद्दे को राज्य स्तर पर उठाकर केंद्र और ट्रस्ट प्रबंधन पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

