कोलकाता / बारुईपुर:
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना के बाद सूबे का सियासी और सामाजिक माहौल बेहद गरमा गया है। इस घटना के बाद भड़की हिंसक अशांति और एक संदिग्ध युवक (इंद्रजीत मंडल/तांती) की पीट-पीटकर हुई हत्या को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बहुत बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को ‘मॉब लिंचिंग’ मानने से साफ इनकार कर दिया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना के पीछे एक गहरे राजनीतिक षड्यंत्र का अंदेशा जताते हुए विपक्ष और असामाजिक तत्वों पर सीधा निशाना साधा है।
“राज्य को अस्थिर करने की साजिश” — मुख्यमंत्री का गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने इस हिंसा और तोड़फोड़ पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह कोई आम जन-आक्रोश नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया:
“राजनीतिक रूप से पूरी तरह नकारे जा चुके लोगों, कट्टरपंथी ताकतों और अति-वामपंथी तत्वों ने इस दुखद घटना की आड़ में अशांति को जानबूझकर हवा दी है। इन ताकतों का मुख्य उद्देश्य राज्य की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ना और सरकार को अस्थिर करना है।”
उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा एक्शन
बारुईपुर में हुई हिंसा के दौरान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के वाहनों में तोड़फोड़,
आगजनी और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि पुलिस और सुरक्षा बल उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठा रहे हैं। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) और स्थानीय प्रशासन को उपद्रव में शामिल किसी भी दोषी को न बख्शने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच, प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है
और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

