पश्चिम बंगाल की राजनीति और खड़दह इलाके से इस वक्त की सबसे बड़ी और गरमा-गरम खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष के बेटे और पूर्व टीएमसी प्रत्याशी तीर्थंकर घोष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
करोड़ों की लॉटरी डकैती और रंगदारी के गंभीर आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तीर्थंकर घोष पर इलाके में दहशत फैलाने और वित्तीय धोखाधड़ी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं:
₹1 करोड़ की लॉटरी टिकट की डकैती: यह पूरा मामला नवंबर 2024 का बताया जा रहा है। मघरा के रहने वाले एक कार ड्राइवर (पार्थ सरकार) ने ₹1 करोड़ की बंपर लॉटरी जीती थी। आरोप है कि तीर्थंकर घोष और उनके साथियों ने बंदूक की नोक पर उस ड्राइवर को अगवा किया, उसके साथ मारपीट की और वह ₹1 करोड़ का विनिंग लॉटरी टिकट जबरन छीन लिया।
चुनावी हिंसा और सिंडिकेट राज: तीर्थंकर और उनके पिता पर खड़दह और आसपास के इलाकों में सिंडिकेट चलाने, व्यापारियों से रंगदारी वसूलने और 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद विरोधी कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले करवाने के भी कई पुराने मामले दर्ज हैं।
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पूर्व विधायक पिता भी रडार पर, कोर्ट से मांगी राहत
इस गिरफ्तारी के बाद टीएमसी के पूर्व विधायक निर्मल घोष की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। बेटे की गिरफ्तारी के तुरंत बाद, खुद को पुलिस एक्शन से बचाने के लिए पूर्व विधायक निर्मल घोष ने आनन-फानन में कोलकाता हाईकोर्ट का रुख किया है और अग्रिम जमानत या कड़े एक्शन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
अदालत का फैसला: पुलिस ने तीर्थंकर घोष को बैरकपुर कोर्ट में पेश कर मामले की गहराई से जांच के लिए रिमांड की मांग की। अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी तीर्थंकर घोष को 6 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस उनसे यह उगलवाने की कोशिश करेगी कि लॉटरी डकैती के पैसे कहां छुपाए गए हैं और इस पूरे रैकेट में और कौन-से बड़े नाम शामिल हैं।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

