नई दिल्ली/मुंबई:
महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर गहरा गया है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने आरोप लगाया कि योजना से लाखों महिलाओं के नाम हटाना संविधान की भावना के खिलाफ है। उनका दावा है कि सरकार ने चुनाव के दौरान महिलाओं से किए गए वादों के बाद अब बड़ी संख्या में लाभार्थियों को योजना से बाहर कर दिया है।
अरविंद सावंत ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के भरोसे वोट हासिल किए, लेकिन अब उन्हीं महिलाओं को योजना के लाभ से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने इसे गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के अधिकारों पर चोट बताते हुए सरकार से पारदर्शिता के साथ पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की।
वहीं, महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि लाभार्थियों की सूची में संशोधन ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापन और पात्रता की जांच के बाद किया गया है। सरकार के अनुसार,
जिन नामों को हटाया गया वे या तो अपात्र थे, डुप्लीकेट थे या योजना के निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करते थे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल वास्तविक और पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाना है।
‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। लाभार्थियों की संख्या में हुई बड़ी कटौती को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि यह मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में प्रमुख चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

