हुगली (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की डानकुनी नगर पालिका में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। नगर पालिका के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के इस्तीफे के बाद TMC के नेतृत्व वाला बोर्ड गिर गया, जिससे इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। इस घटनाक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नगर पालिका परिसर के बाहर जमा हो गए और “चोर-चोर” के नारे लगाए।
जानकारी के अनुसार, चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के इस्तीफे के साथ ही कई पार्षदों ने भी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जताई। इससे नगर पालिका में TMC का बहुमत प्रभावित हुआ और बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो गया। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
मौके पर मौजूद लोगों ने कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका के बाहर नारेबाजी करते हुए जवाबदेही की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
इस बीच राज्य सरकार के एक मंत्री ने नगर पालिका के कुछ पार्षदों की अनुपस्थिति और आंतरिक विवाद को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेदों का असर नगर पालिका के कामकाज और आम जनता को मिलने वाली नागरिक सुविधाओं पर नहीं पड़ना चाहिए।
दूसरी ओर, TMC के भीतर असंतुष्ट नेताओं के एक समूह ने पार्टी संगठन में वैकल्पिक नेतृत्व का दावा करते हुए कहा कि उन्हें निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के एक बड़े वर्ग का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
डानकुनी नगर पालिका में हुए इस घटनाक्रम को पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय निकाय में पैदा हुआ यह संकट आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक रणनीतियों और दलों के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि नगर पालिका में आगे प्रशासनिक व्यवस्था कैसे बहाल की जाती है और TMC इस राजनीतिक संकट से कैसे निपटती है।

