नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल ने राजधानी में लंबे समय से लंबित बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और जनकल्याण से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का रास्ता साफ हो गया है।
इस फैसले के तहत दिल्ली जल बोर्ड को 151 नए बोरवेल स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए भी भूमि आवंटित की गई है, जिससे जल आपूर्ति और सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली मेट्रो के विस्तार को भी बड़ी राहत मिली है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के लिए नए मेट्रो डिपो और कास्टिंग यार्ड हेतु भूमि आवंटन को मंजूरी दे दी गई है। माना जा रहा है कि इससे भविष्य की मेट्रो परियोजनाओं के निर्माण कार्य में तेजी आएगी और राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
इसके अलावा पुलिस थानों, फॉरेंसिक साइंस लैब, न्यायिक आवास, ई-वेस्ट इको मैनेजमेंट पार्क, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, अटल कैंटीन और शिक्षा संस्थानों के लिए भी भूमि आवंटन को स्वीकृति दी गई है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
प्रशासन के अनुसार, भूमि आवंटन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने का उद्देश्य राजधानी में विकास कार्यों में आ रही प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना है। माना जा रहा है कि इन फैसलों से दिल्ली में बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सेवाओं का लाभ मिलेगा।

