नई दिल्ली, 26 जुलाई: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्होंने रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया।
इससे पहले, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।
NEET विवाद के बाद हुआ बदलाव
NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई दिनों से देशभर में छात्रों का प्रदर्शन जारी था। इन प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने त्यागपत्र में कहा कि यह उनके लिए “व्यक्तिगत प्रतिष्ठा” का विषय नहीं है और हाल के दिनों की घटनाओं से वह व्यथित हैं।
प्रह्लाद जोशी ने क्या कहा?
कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, जिसे वह पूरी निष्ठा और विनम्रता के साथ निभाएंगे।
उन्होंने कहा,
“मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य भावना और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में अपनी पूरी क्षमता के साथ देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास करूंगा।”
जोशी ने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं और वे उन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

