कोरबा। महंगी स्पोर्ट्स बाइक चलाने का शौक तीन युवकों को चोरी की वारदात तक ले गया, लेकिन चोरी के बाद की एक छोटी सी गलती ने उनका पूरा खेल बिगाड़ दिया। बांकीमोंगरा इलाके से स्पोर्ट्स बाइक चोरी करने के बाद आरोपी उसी बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाने टीपी नगर पहुंच गए। उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि चाबी बनवाने की यह कोशिश उन्हें सीधे पुलिस तक पहुंचा देगी।
डुप्लीकेट चाबी बनवाने के दौरान दुकानदार को बाइक को लेकर संदेह हुआ। खास बात यह रही कि चाबी बनाने वाला कारीगर चोरी की बाइक के मालिक का रिश्तेदार निकला। उसने बिना आरोपियों को भनक लगे डायल 112 को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को पकड़ लिया।
48 घंटे में चोरी का खुलासा
मामला बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक कुदरीपारा नंबर-2 निवासी देव कुमार अहिरवार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 5 सितंबर की रात करीब 10 बजे उन्होंने अपनी पल्सर RS 200 बाइक क्रमांक CG 12 BT 6722 दुकान के सामने लॉक करके खड़ी की थी। अगले दिन सुबह करीब 7 बजे बाइक वहां से गायब मिली।
शिकायत के आधार पर बांकीमोंगरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 172/2026 के तहत BNS की धारा 303(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को बाइक चोरी के बाद आरोपियों के डुप्लीकेट चाबी बनवाने पहुंचने की जानकारी मिली।
चाबी बनवाने पहुंचे और पकड़े गए
आरोपी चोरी की बाइक लेकर टीपी नगर कोरबा स्थित एक चाबी बनाने वाली दुकान पर पहुंचे थे। इसी दौरान दुकानदार को बाइक पर शक हुआ। पूछताछ में जब बाइक के संबंध में संदेह और गहरा हुआ तो उसने चुपचाप डायल 112 को सूचना दे दी।
पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मुख्य आरोपी मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू, पिता विक्रमलाल निषाद, उम्र 19 वर्ष, निवासी भिलाईबाजार, थाना हरदीबाजार को स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पकड़ा।
पूछताछ में खुला एक और चोरी का राज
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपने दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर बाइक चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बांकीमोंगरा से पल्सर RS 200 के अलावा कुसमुंडा क्षेत्र से एक एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG 12 BU 7208 भी चोरी की थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दोनों गाड़ियां बरामद कर ली हैं। घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया है।
महंगी बाइक चलाने का था शौक
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें महंगी बाइक चलाने का शौक था, लेकिन पैसे नहीं थे। इसी शौक को पूरा करने के लिए उन्होंने वाहन चोरी की योजना बनाई। हालांकि, चोरी के बाद डुप्लीकेट चाबी बनवाने की जल्दबाजी उनके लिए भारी पड़ गई।
मुख्य आरोपी न्यायिक रिमांड पर
पुलिस ने मोनेन्द्र कुमार को 8 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, उसके दोनों नाबालिग साथियों को किशोर न्याय बोर्ड, कोरबा के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी के मामले में महज 48 घंटे के भीतर खुलासा हो गया। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अन्य संभावित वारदातों की भी जानकारी जुटा रही है।

