नई दिल्ली:
दिल्ली सरकार की नई ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) नीति 2026 को लेकर ऑटो उद्योग से सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
यूधा ऑटो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आयुष लोहिया ने कहा कि इस नीति की वास्तविक सफलता सस्ती और आसान फाइनेंसिंग पर निर्भर करेगी।उनका मानना है कि यदि लोगों को कम ब्याज दर पर आसान ऋण और बेहतर वित्तीय विकल्प उपलब्ध कराए जाएं, तो इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार में बड़ा इजाफा हो सकता है।
आयुष लोहिया ने कहा कि दिल्ली ईवी नीति देश में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती लागत अभी भी कई उपभोक्ताओं के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे में आसान फाइनेंसिंग, बैटरी-एज़-ए-सर्विस (BaaS) जैसे मॉडल और व्यापक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस नीति को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा खरीद प्रोत्साहन (इंसेंटिव), स्क्रैपेज लाभ, रोड टैक्स में छूट और रजिस्ट्रेशन फीस माफी जैसे कदम इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में मदद करेंगे। यदि इन योजनाओं के साथ मजबूत वित्तीय सहायता और बेहतर चार्जिंग नेटवर्क उपलब्ध कराया जाता है, तो दिल्ली की यह नीति देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार, वित्तीय संस्थानों और ऑटो कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय से इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच आम लोगों तक बढ़ेगी और भारत के स्वच्छ ऊर्जा एवं हरित परिवहन के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

