हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है।
कुमारी सैलजा ने मंच के ‘शुद्धिकरण’ की घटना को दलितों और संविधान में दिए गए समानता के अधिकार का अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच समाज को बांटने वाली है और इसके लिए बीजेपी-आरएसएस की विचारधारा पर सवाल उठाए जाने चाहिए।
‘विचारधारा का शुद्धिकरण किया जाना चाहिए’
कुमारी सैलजा ने कहा कि अगर किसी दलित नेता के मंच पर आने के बाद उसे ‘शुद्ध’ करने की जरूरत महसूस की जाती है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि असल में ऐसी घटिया सोच और बीजेपी-आरएसएस की विचारधारा का शुद्धिकरण किया जाना चाहिए।
‘एक तरफ तिरंगा यात्रा, दूसरी तरफ भेदभाव’
कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ पार्टी तिरंगा यात्रा और राष्ट्रवाद की बात करती है, जबकि दूसरी तरफ विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता के साथ कथित तौर पर भेदभाव किया जा रहा है।
सैलजा ने कहा कि देश का संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। ऐसे में किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर भेदभाव करना संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
घटना ने बढ़ाई सियासी गर्मी
हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद मंच के ‘शुद्धिकरण’ का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने इसे दलित सम्मान और संवैधानिक अधिकारों से जोड़ते हुए बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है।

