तेल अवीव: इजरायल में आगामी अक्टूबर में होने वाले चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने तेल अवीव के अयालोन हाईवे के पास एक बड़ा चुनावी बिलबोर्ड लगाकर अपने राजनीतिक विरोधियों पर तीखा हमला बोला है।
इस बिलबोर्ड में न्यूयॉर्क के मेयर जोरान ममदानी, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और हिज्बुल्लाह के महासचिव नईम कासिम की तस्वीरें एक साथ दिखाई गई हैं। पोस्टर पर लिखा है—“ये चारों चाहते हैं कि नेतन्याहू हारें, उन्हें जीतने न दें।”
नेतन्याहू ने भी किया पोस्टर शेयर
लिकुड के इस चुनावी अभियान को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सोशल मीडिया पर बढ़ावा दिया। उन्होंने बिलबोर्ड की तस्वीर को रीपोस्ट करते हुए संक्षिप्त संदेश लिखा—“उन्हें जीतने न दें।”
रिपोर्टों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने बिलबोर्ड की लोकेशन यरुशलम बताई थी, लेकिन तस्वीर की जांच के बाद इसके तेल अवीव में अयालोन हाईवे के पास लगे होने की पुष्टि हुई।
विपक्ष ने पलटवार किया
लिकुड के इस पोस्टर के सामने आते ही नेतन्याहू के राजनीतिक विरोधियों ने भी पलटवार शुरू कर दिया। पूर्व आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ गादी आइजेनकोट की पार्टी याशार ने पोस्टर का एक बदला हुआ संस्करण जारी किया। इसमें संदेश को पलटते हुए नेतन्याहू पर निशाना साधा गया और आरोप लगाया गया कि उनकी नीतियों से इजरायली सेना कमजोर हुई है।
इसके अलावा विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी लिकुड के पोस्टर का मजाक उड़ाते हुए अपने-अपने संस्करण सोशल मीडिया पर साझा किए। कुछ नेताओं ने तो पोस्टर में ऐसे लोगों की तस्वीरें जोड़ दीं, जिनका नाम कथित ‘कतरगेट’ जांच से जोड़ा जा रहा है।
चुनावी मुकाबले में तेज होती जा रही बयानबाजी
लिकुड के इस अभियान को इजरायल में आगामी चुनाव से पहले नेतन्याहू की आक्रामक चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पोस्टर में ममदानी को ईरान, हिज्बुल्लाह और तुर्की के प्रमुख चेहरों के साथ एक फ्रेम में रखकर लिकुड ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि नेतन्याहू के खिलाफ खड़े विदेशी और राजनीतिक विरोधी एक व्यापक चुनौती का हिस्सा हैं।
इस विवादित बिलबोर्ड ने चुनावी बहस को और तीखा कर दिया है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में नेतन्याहू और विपक्षी दलों के बीच यह पोस्टर वॉर किस दिशा में जाता है और क्या यह चुनावी अभियान का बड़ा मुद्दा बनता है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

