रायपुर। UGC Rollback को लेकर सवर्ण समाज का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। UGC Equity Regulations 2026 के प्रावधानों को वापस लेने की मांग को लेकर आगामी 20 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर मैदान में सवर्ण समाज की महापंचायत आयोजित की जाएगी। इस महापंचायत को लेकर छत्तीसगढ़ में भी संगठन स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं और अलग-अलग जिलों में बैठकों का दौर जारी है।
महापंचायत के आयोजन को सफल बनाने के लिए क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजसिंह शेखावत और छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में कार्यकर्ता सक्रिय हैं। बैठकों के जरिए विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा कर दिल्ली में प्रस्तावित महापंचायत में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति तैयार की जा रही है।
UGC के नए नियमों को लेकर विरोध
संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा इसी वर्ष जनवरी में लागू किए गए UGC Equity Regulations 2026 के बाद से ही इन प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज में असंतोष है। सवर्ण समाज से जुड़े छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इन नियमों को वापस लेने या पूरी तरह निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।
विरोध कर रहे संगठनों का आरोप है कि भेदभाव रोकने के उद्देश्य से बनाए गए इन प्रावधानों में कई बातें स्पष्ट नहीं हैं और इनके भविष्य में गलत इस्तेमाल की आशंका है। इसी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन, सभाएं, पदयात्राएं और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
दो महीने से अभियान में जुटा संगठन
क्षत्रिय करणी सेना की ओर से बताया गया है कि संगठन पिछले करीब दो महीनों से इस मुद्दे को लेकर विभिन्न राज्यों के साथ-साथ दिल्ली में भी सक्रिय है। इसी अभियान के तहत 20 सितंबर को जंतर-मंतर पर सवर्ण समाज की महापंचायत का आह्वान किया गया है।
महापंचायत को सफल बनाने के लिए संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार संपर्क अभियान चला रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी जिला स्तर पर बैठकें आयोजित कर कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम की जानकारी दी जा रही है और दिल्ली पहुंचकर महापंचायत में शामिल होने की अपील की जा रही है।
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जिलों में बैठकों का दौर जारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजसिंह शेखावत की रणनीति को छत्तीसगढ़ में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर संभाल रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में अलग-अलग जिलों में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
बैठकों में UGC के नए प्रावधानों को लेकर संगठन का पक्ष रखने के साथ ही आगामी आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की जा रही है। आसपास के जिलों से कार्यकर्ताओं को जोड़ने और उन्हें दिल्ली की महापंचायत में शामिल कराने के लिए भी संपर्क किया जा रहा है।
वीरेन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि संगठन की चिंता इन प्रावधानों के संभावित दुरुपयोग को लेकर है। उनका दावा है कि यदि इन नियमों का गलत इस्तेमाल हुआ तो इसका असर सामान्य वर्ग के हितों पर पड़ सकता है। इसी वजह से संगठन UGC Rollback की मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ा रहा है।
20 सितंबर को दिल्ली में होने वाली महापंचायत को इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ में चल रही बैठकों के जरिए अब अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों को इस कार्यक्रम से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

