रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर सामने आ रहे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने रायपुर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर युवा कांग्रेस चुनाव में कथित फर्जी मतदान, मतदाता सूची में गड़बड़ी और संगठन के भीतर सामने आ रहे विवादों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा।
युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर पिछले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों से विवाद की खबरें सामने आई हैं। कांकेर के दुर्गूकोंदल में भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर विधायक सावित्री मंडावी और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद का वीडियो सामने आया था। एक प्रत्याशी ने बंद कमरे में मतदान कराने समेत कई आरोप लगाए थे। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच या चुनावी प्रक्रिया के आधिकारिक निष्कर्ष से ही होगी।
‘कांग्रेस अपने संगठन में लोकतंत्र की बात क्यों नहीं मानती?’
अमित चिमनानी ने कांग्रेस के सार्वजनिक राजनीतिक बयानों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब पार्टी लोकतंत्र और संविधान की बात करती है, तो उसके अपने संगठनात्मक चुनावों में उठ रहे सवालों पर स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने युवा कांग्रेस चुनाव में कथित फर्जी वोटिंग, फर्जी मतदाता पहचान और वोट मैनेजमेंट जैसे आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी को लेकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों का भी जिक्र किया।
हालांकि, भाजपा की ओर से लगाए गए इन आरोपों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की वास्तविक स्थिति संबंधित संगठन की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।
दीपक बैज के बयानों पर भी साधा निशाना
अमित चिमनानी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के हालिया राजनीतिक बयानों को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत को लेकर पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक चर्चाओं का उल्लेख किया।
चिमनानी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी समय होने के बावजूद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर होने वाली बयानबाजी पार्टी की आंतरिक राजनीति और संगठनात्मक स्थिति पर सवाल खड़े करती है। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का भी उल्लेख करते हुए पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर मतभेद होने का दावा किया।
CGPSC मामले को लेकर भी कांग्रेस को घेरा
भाजपा प्रवक्ता ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी CGPSC भर्ती मामले को भी अपनी पत्रकार वार्ता का प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कथित प्रश्न-पत्र लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा।
CGPSC मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी जारी है। प्रवर्तन निदेशालय ने आधिकारिक रूप से बताया है कि 1 सितंबर 2026 को रायपुर, दुर्ग और जशपुर में पांच स्थानों पर तलाशी ली गई थी और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, प्रश्न-पत्र लीक और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए जाने की जानकारी ED ने दी है।
इसके बाद मामले में जांच आगे बढ़ी है। 23 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, ED ने CGPSC पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघरिया के खिलाफ करीब 3,700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
ED ने इससे पहले चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी की भी जानकारी दी थी। एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई CGPSC की 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और हेरफेर से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई।
राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से मांगा जवाब
अमित चिमनानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी निशाने पर लिया। उन्होंने युवाओं और रोजगार से जुड़े कांग्रेस के राजनीतिक कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर भी कांग्रेस को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने CGPSC मामले में जांच के दौरान सामने आए आरोपों और कथित वित्तीय लेनदेन का हवाला देते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि मामले में जिन लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
युवा कांग्रेस चुनाव विवाद से लेकर CGPSC तक सियासी घमासान
युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर सामने आ रहे आरोपों और CGPSC मामले में जारी जांच ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज कर दिया है। भाजपा जहां इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांग रही है, वहीं युवा कांग्रेस चुनाव से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति आधिकारिक जांच और चुनावी प्रक्रिया के निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।
इसी तरह CGPSC मामले में भी जांच एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोप और अदालत में चल रही न्यायिक प्रक्रिया को अंतिम निष्कर्ष से अलग रखकर देखना होगा। फिलहाल दोनों मामलों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और जांच, दोनों जारी हैं।

