बालोद। बालोद जिले के डौंडी स्थित एकलव्य आवासीय परिसर में कक्षा 10वीं के छात्र की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताया। परिजनों ने आरोप लगाया कि छात्र को सीनियर विद्यार्थियों की कथित रैगिंग और मारपीट के कारण मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कमरे में फंदे पर लटका मिला था छात्र
घटना 14 सितंबर की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, सुबह छात्र परिसर में पीटी के लिए गए थे। पीटी के बाद जब विद्यार्थी अपने कमरे में लौटे तो कक्षा 10वीं के छात्र विनय कुमार का शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी तत्काल शिक्षकों को दी गई, जिसके बाद पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतारा गया।
परिजनों ने लगाया रैगिंग और मारपीट का आरोप
मामले को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि छात्र के साथ सीनियर विद्यार्थियों ने 9 सितंबर को मारपीट की थी। परिजनों का दावा है कि परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में घटना रिकॉर्ड हुई है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद हॉस्टल प्रबंधन और स्कूल प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।
परिजनों ने हॉस्टल वार्डन, प्राचार्य, पीटीआई शिक्षक समेत अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की।
विधायकों ने भी परिजनों के साथ जताया समर्थन
परिजनों के प्रदर्शन के दौरान डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया और गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद भी उनके साथ कलेक्ट्रेट के सामने बैठे। इसके बाद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा और एसपी किरण गंगाराम चौहान मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों व परिजनों से बातचीत की।
कलेक्टर ने परिजनों को आश्वासन दिया कि हॉस्टल वार्डन को तत्काल वहां से हटाकर अटैच किया जाएगा। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद परिजन और ग्रामीण प्रदर्शन से हट गए।
छात्र के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर भी जांच
मामले में यह बात भी सामने आई है कि मृतक छात्र परिसर में रहते हुए एक महिला मित्र से फोन पर बातचीत करता था। परिजनों ने भी स्वीकार किया कि छात्र पिछले कुछ दिनों से अपनी महिला मित्र से बात कर रहा था। अब पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आवासीय परिसर में छात्र के पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा और परिसर में मोबाइल रखने को लेकर क्या नियम थे।
परिसर में नशीले पदार्थों के सेवन का भी आरोप
परिजनों और ग्रामीणों ने एकलव्य आवासीय परिसर में नशीले पदार्थों के कथित इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि परिसर में नशीले पदार्थों का सेवन होने से अन्य विद्यार्थी भी प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
एसपी बोलीं- रैगिंग और नशे के आरोपों की जांच जारी
एसपी किरण गंगाराम चौहान ने कहा कि छात्र की मौत से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है। रैगिंग के आरोपों के साथ ही परिसर में नशीले पदार्थों के सेवन संबंधी शिकायतों की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल छात्र की आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह जांच का विषय है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही रैगिंग, मारपीट और अन्य आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

