बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नेताओं को जन्मदिन की बधाई देने के लिए लगाए गए होर्डिंग अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बनते नजर आ रहे हैं। उसलापुर से सकरी और तखतपुर मार्ग पर कई जगह होर्डिंग झुकी हुई और असुरक्षित स्थिति में दिखाई दे रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि कोई होर्डिंग अचानक सड़क पर गिर जाए और दुर्घटना हो जाए, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
10 से अधिक जगहों पर झुके होर्डिंग होने का दावा
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, उसलापुर से सकरी और तखतपुर मार्ग पर 10 से अधिक स्थानों पर होर्डिंग झुकी हुई या गिरी हुई स्थिति में नजर आई हैं। इनमें केंद्रीय राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू को जन्मदिन की बधाई देने वाले होर्डिंग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
सड़क के डिवाइडर पर तिरछे लटके होर्डिंग देखकर उनकी मजबूती और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन चालक और राहगीर गुजरते हैं। ऐसे में असुरक्षित होर्डिंग किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
प्रचार के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी जरूरी
नेताओं और जनप्रतिनिधियों को बधाई देने के लिए शहर में जगह-जगह बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए जाते हैं। लेकिन इन्हें लगाने के बाद उनकी स्थिति और सुरक्षा पर ध्यान देना भी जरूरी है। तेज हवा, बारिश या कमजोर ढांचे के कारण झुके हुए होर्डिंग सड़क पर गिर सकते हैं।
ऐसी स्थिति में होर्डिंग लगाने वाले आयोजकों और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो जाती है। समय रहते असुरक्षित होर्डिंग की पहचान कर उन्हें हटाना या सुरक्षित करना जरूरी है, ताकि आम लोगों को किसी तरह के खतरे का सामना न करना पड़े।
प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?
मामले में नगर निगम और संबंधित विभागों की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जरूरत है कि उसलापुर, सकरी और तखतपुर मार्ग का निरीक्षण कर असुरक्षित होर्डिंग की पहचान की जाए और उन्हें सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
फिलहाल इन होर्डिंग को लेकर संबंधित विभाग की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में देखना होगा कि प्रशासन संभावित खतरे को देखते हुए कब तक कदम उठाता है। किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते कार्रवाई करना आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है।

