वाशिंगटन / तेहरान:
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच हुए ताजा मिसाइल हमलों और सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद चौंकाने वाले और बड़े दावे किए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई हमलों में ’90 फीसदी तक खत्म’ हो चुके हैं और वहां की एयरफोर्स व नेवी पूरी तरह नेस्तनाबूद हो चुकी है।
इसके साथ ही ट्रंप ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टोल टैक्स (सुरक्षा शुल्क) लगाने और ईरान की समुद्री नाकेबंदी को दोबारा शुरू करने का बड़ा एलान किया है।
ट्रंप के बड़े दावे: “उनके पास अब न नेवी बची है, न एयरफोर्स”
अमेरिकी मीडिया को दिए इंटरव्यू और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा:
- खामेनेई ‘90% खत्म’: ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व बिखर चुका है। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई (जो गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं) “90% तक खत्म” हो चुके हैं।
- सैन्य ताकत तबाह: राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “ईरान के पास अब कोई नेवी नहीं बची है, उनकी एयरफोर्स पूरी तरह गायब हो चुकी है। उनके एयर डिफेंस सिस्टम और बेहतरीन सैन्य कमांडर मारे जा चुके हैं।”
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकेबंदी और 20% टैक्स का एलान
होर्मुज जलडमरूमध्य (जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस गुजरता है) पर नियंत्रण को लेकर ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अपनाया है:
- ईरान की समुद्री नाकेबंदी: अमेरिकी सेना केवल ईरान के जहाजों या उसके ग्राहकों के जहाजों को इस समुद्री रास्ते से आने-जाने से रोकेगी। अन्य सभी देशों के लिए यह रास्ता खुला रहेगा।
- 20% टोल टैक्स: अमेरिकी राष्ट्रपति ने घोषणा की है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा का खर्च उठाने के लिए वहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों के कार्गो वैल्यू पर 20 फीसदी का टोल टैक्स वसूला जाएगा। ट्रंप ने अमेरिकी सेना को इस क्षेत्र का “गार्डियन एंजेल” (Guardian Angel) बताया है।
ईरान का पलटवार: “असली संरक्षक हम हैं, अमेरिका नहीं”
डोनाल्ड ट्रंप के इस एकतरफा फैसले और दावों पर ईरान ने भी बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए सोशल मीडिया पर पलटवार किया:
“ईरान हमेशा से ही होर्मुज स्ट्रेट का असली संरक्षक (Guardian) रहा है और हमेशा रहेगा। जहां तक अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा 20% टैक्स वसूलने की बात है, तो यह बहुत ज्यादा है। इस रास्ते पर सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखने का काम ईरान का ही है, अमेरिका का नहीं।”
क्यों बढ़ा अचानक तनाव?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच यह भीषण संघर्ष फरवरी 2026 से लगातार जारी है।
जून 2026 में दोनों देशों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम (MoU) समझौता हुआ था, लेकिन जुलाई के शुरुआत में होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के बाद यह समझौता पूरी तरह टूट गया। अब दोनों देश एक बार फिर आमने-सामने हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा हो गई है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

