रायपुर।
छत्तीसगढ़ में क्षत्रिय करणी सेना नए सिरे से संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। संगठन के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में राज्य के सभी 33 जिलों में संगठन का पुनर्गठन किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में क्षत्रिय करणी सेना के संगठनात्मक विस्तार और पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजसिंह शेखावत के निर्देश के बाद प्रदेश की सभी पूर्व इकाइयों को भंग कर दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर को छोड़कर अन्य सभी पदाधिकारियों को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही राज्य के सभी 33 जिलों में संगठन को नए स्वरूप में खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
संगठन से जुड़े अभिषेक सिंह, अमितेश प्रताप सिंह और अविनाश सिंह ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में संगठन का पुनर्गठन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसका उद्देश्य संगठन को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और जनभागीदारी आधारित बनाना है।
पुनर्गठन के तहत मुख्य इकाई के अलावा सनातन प्रकोष्ठ, युवा प्रकोष्ठ, महिला प्रकोष्ठ, छात्र प्रकोष्ठ, व्यापारी प्रकोष्ठ, कर्मचारी प्रकोष्ठ, अधिवक्ता प्रकोष्ठ, खेल प्रकोष्ठ तथा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। संगठन का दावा है कि इससे समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी बढ़ेगी और संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में निकट भविष्य में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के जिलों का दौरा कर बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में जिला एवं प्रकोष्ठ स्तर की नई कार्यकारिणी के गठन सहित संगठन की आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। बैठकों की तिथियों की घोषणा जल्द किए जाने की बात कही गई है।
संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य समाज सेवा की भावना को और अधिक मजबूत करना, संगठन को नई ऊर्जा और नई कार्यशैली के साथ सक्रिय बनाना तथा प्रदेशभर में व्यापक जनसंपर्क और जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि आने वाले समय में क्षत्रिय करणी सेना छत्तीसगढ़ में नए स्वरूप और नई कार्यप्रणाली के साथ सक्रिय भूमिका निभाती नजर आएगी।

