रायपुर: छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राजनीतिक गलियारों में मचे घमासान के बीच करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर की एंट्री ने इस मामले को और भी गरमा दिया है। कोरिया जिले के सोनहत में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार की जघन्य हत्या के बाद जहाँ कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी का दौर चल रहा है, वहीं वीरेंद्र सिंह तोमर के अल्टीमेटम ने ब्यूरोक्रेसी की नींद उड़ा दी है।
वीरेंद्र सिंह तोमर का समाज के नाम संदेश:
भावुक और उतने ही संकल्पित शब्दों में वीरेंद्र सिंह तोमर ने पीड़ित परिवार को यह संदेश भेजा है कि वे इस विपत्ति में खुद को अकेला न समझें। तोमर ने कहा:
“जो समाज अपने लोगों के सम्मान और न्याय के लिए खड़ा नहीं होता, उसका अस्तित्व धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाता है। आज आवश्यकता केवल संवेदना जताने की नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध सामूहिक आवाज बुलंद करने और समाज को संगठित करने की है। करणी सेना का एक-एक सिपाही न्याय मिलने तक चैन से नहीं बैठेगा।”
न्याय के लिए संकल्प:
वीरेंद्र सिंह तोमर ने साफ तौर पर कहा है कि हम संविधान और कानून की मर्यादा में रहकर न्याय के लिए संघर्ष करेंगे, लेकिन यदि प्रशासन ने समाज के सब्र का इम्तिहान लिया, तो फिर सड़कों पर उतरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि इंसाफ में हो रही देरी के खिलाफ पूरे छत्तीसगढ़ में चक्का जाम आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
कया है घटना
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां रेत माफियाओं ने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक स्थानीय नेता को उनकी गाड़ी सहित जिंदा जला दिया। इस हृदयविदारक घटना में भाजपा नेता और उनके एक साथी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
विवाद और हमला
मिली जानकारी के अनुसार, सोनहत तहसील के ग्राम कटगोड़ी में मंगलवार देर रात रेत के अवैध उत्खनन (माइनिंग) को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोप है कि हमलावरों ने भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लाला सिंह की फॉर्च्यूनर कार को पहले एक टिपर वाहन (डंपर) से कई बार जोरदार टक्कर मारी।
टक्कर के कारण जब फॉर्च्यूनर के दरवाजे जाम हो गए और अंदर बैठे लोग फंस गए, तो हमलावरों ने गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस भीषण आग में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार और उनके साथी वीरू सिंह की जलने से दर्दनाक मौत हो गई। गाड़ी में फंसे अन्य तीन लोगों ने किसी तरह शीशा तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। घायलों को इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और राजनीति गरमाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रात में ही घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी और सत्यप्रकाश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले के दो अन्य आरोपी मनोज त्रिपाठी और भानू त्रिपाठी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच रेत उत्खनन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है:
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बयान: डिप्टी सीएम अरुण साव ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, “यह मामला बेहद गंभीर है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने कांग्रेस पर इस मामले का राजनीतिकरण न करने की सलाह दी।
कांग्रेस का पलटवार: कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार के ‘सुशासन’ के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में रेत का अवैध और खूनी खेल सत्ता के संरक्षण में चल रहा है।
समाज में भारी आक्रोश
इस नृशंस हत्याकांड के बाद क्षत्रिय समाज और करणी सेना में गहरा आक्रोश है। करणी सेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि अन्याय के खिलाफ यह संघर्ष पूरे समाज के स्वाभिमान की लड़ाई है और करणी सेना पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। ब्राह्मण समाज के स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार का समर्थन किया है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
प्रशासन पर दबाव:
डिप्टी सीएम अरुण साव ने जहां मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया है, वहीं विपक्ष के सुशील आनंद शुक्ला ने इसे सुशासन के दावों की हवा निकलना बताया है। लेकिन इन सबके बीच, करणी सेना के मुखिया वीरेंद्र सिंह तोमर ने साफ कर दिया है कि समाज को राजनीतिक बयानों से नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई से सरोकार है। तोमर ने शासन को दोटूक कहा है कि यदि पीड़ित पक्ष को संपूर्ण न्याय नहीं मिला, तो करणी सेना किसी भी राजनीतिक दबाव को दरकिनार कर पूरे छत्तीसगढ़ की सड़कों को जाम कर देगी। वीरेंद्र सिंह तोमर की इस चक्का जाम की चेतावनी के बाद बिलासपुर से लेकर रायपुर तक के प्रशासनिक अधिकारी मामले की पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं।