पश्चिम एशिया में जारी तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश की आर्थिक और सुरक्षा नीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इजरायल की अर्थव्यवस्था अब इतनी मजबूत हो चुकी है कि उसे बाहरी वित्तीय सहायता पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है।
नेतन्याहू ने संकेत दिया कि वह भविष्य में अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक सहायता को समाप्त करने के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि इजरायल अब अपनी आर्थिक क्षमताओं के बल पर विकास और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।
सुरक्षा पर नहीं होगा कोई समझौता
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि लेबनान, गाजा, ईरान और फिलिस्तीनी क्षेत्रों से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों पर सरकार पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही है और किसी भी खतरे से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
नेतन्याहू ने दोहराया कि इजरायल अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय हालात चाहे जैसे भी हों, सरकार देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कार्रवाई करेगी।
आर्थिक मजबूती पर जताया भरोसा
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में इजरायल ने तकनीक, नवाचार, निवेश और उद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसी वजह से देश की अर्थव्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आर्थिक मजबूती के साथ इजरायल भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करेगा।
नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नजर है। उनके इस बयान को इजरायल की आर्थिक आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

