रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। हजारों छात्र पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर सड़क पर हैं। इसी बीच आंदोलन को लेकर राज्य की सियासत भी गरमा गई है। प्रदर्शन के दौरान भाजपा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी समेत कई भाजपा नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है।
भाजपा का आरोप है कि प्रशासन ने पार्टी के कई नेताओं को सुबह से ही उनके घरों में नजरबंद कर दिया, ताकि वे छात्रों के प्रदर्शन और विधानसभा घेराव में शामिल न हो सकें। भाजपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक बताते हुए सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है।
बताया जा रहा है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और कथित अनियमितताओं के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद कुछ अहम मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है।
वहीं, भाजपा ने छात्रों के आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
फिलहाल छात्र आंदोलन, भाजपा के प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत को लेकर झारखंड की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच बड़े टकराव का रूप ले सकता है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

