रायगढ़, 17 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भारतीय जनता पार्टी को स्थानीय स्तर पर बड़ा झटका लगा है। पुसौर नगर पंचायत के 8 भाजपा पार्षदों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया है। सभी पार्षदों ने अपना त्यागपत्र जिला भाजपा अध्यक्ष अरुणधर दीवान को सौंपते हुए इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है। पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
नगर पंचायत की कार्यप्रणाली से नाराजगी
इस्तीफा देने वाले पार्षदों ने नगर पंचायत के प्रशासनिक कामकाज, शासकीय कर्मचारियों और नगर पंचायत अध्यक्ष की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई है। पार्षदों का कहना है कि नगर पंचायत में विकास कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं है और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित स्तर पर काम नहीं हो रहा है।
पार्षदों के मुताबिक नगर पंचायत से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर समय-समय पर ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया। इसी वजह से उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अलग होने का निर्णय लिया है।
अध्यक्ष और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
पार्षदों ने नगर पंचायत अध्यक्ष के साथ-साथ शासकीय अमले की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि नगर पंचायत में जनहित और विकास से जुड़े कई मुद्दों पर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इससे पार्षदों और नगर पंचायत प्रशासन के बीच असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
पार्षदों का कहना है कि वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और अपने वार्डों की समस्याओं को नगर पंचायत के सामने लगातार रखते रहे हैं। लेकिन समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को लेकर उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा था।
जिला भाजपा अध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा
सामूहिक रूप से इस्तीफा देने वाले पार्षदों ने अपना त्यागपत्र रायगढ़ जिला भाजपा अध्यक्ष अरुणधर दीवान को सौंपा है। पत्र में उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
आठ पार्षदों के एक साथ इस्तीफा देने के फैसले से पुसौर की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब इस मामले में भाजपा संगठन की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और पार्टी स्तर पर पार्षदों की नाराजगी को लेकर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर बनी हुई है।
फिलहाल पार्षदों की नाराजगी का मुख्य कारण नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों से जुड़ा असंतोष बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर एक साथ आठ पार्षदों के इस्तीफे के फैसले को संगठन के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

