नई दिल्ली। भारत और पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन OPEC के बीच मंगलवार को सातवीं उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। नई दिल्ली में हुई इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और OPEC के महासचिव हैथम अल घैस ने की। बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक तेल बाजार की स्थिरता और तेल क्षेत्र में पर्याप्त एवं समय पर निवेश की जरूरत समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान भारत और OPEC ने वैश्विक ऊर्जा बाजार के मौजूदा हालात के साथ-साथ तेल बाजार के अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक परिदृश्य की समीक्षा की। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तेल और गैस क्षेत्र में लगातार निवेश जरूरी है। दोनों पक्षों ने ऊर्जा आपूर्ति को भरोसेमंद बनाए रखने और बाजार में स्थिरता कायम रखने के महत्व को भी रेखांकित किया।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत और OPEC के बीच लंबे समय से चला आ रहा सहयोग ऊर्जा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर आपसी समझ को मजबूत करने में मददगार रहा है। उन्होंने कहा कि उत्पादक देशों और ऊर्जा उपभोक्ता देशों के बीच लगातार संवाद जरूरी है, ताकि निवेश को बढ़ावा मिले, ऊर्जा क्षेत्र की मजबूती बढ़े और वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
पुरी ने भारत और OPEC के संबंधों को पारस्परिक रूप से लाभकारी बताते हुए संतुलित, स्थिर और पूर्वानुमान योग्य वैश्विक ऊर्जा बाजार की दिशा में मिलकर काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले दशकों में वैश्विक ऊर्जा मांग और आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा। ऐसे में भारत की ऊर्जा जरूरतों और वैश्विक ऊर्जा बाजार के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है।
OPEC महासचिव हैथम अल घैस ने बैठक में भारत के साथ ऊर्जा संवाद को संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है और आने वाले वर्षों में इसका महत्व और बढ़ेगा। उन्होंने भारत के ऊर्जा संबंधी मुद्दों से निपटने के दृष्टिकोण की भी सराहना की और कहा कि भारत की कई ऊर्जा प्राथमिकताएं OPEC की प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।
भारत-OPEC ऊर्जा संवाद की शुरुआत वर्ष 2015 में नई दिल्ली से हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच नियमित उच्चस्तरीय बैठकें होती रही हैं। मंगलवार को हुई सातवीं बैठक में दोनों पक्षों ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और संवाद को आगे भी जारी रखने पर सहमति जताई। अगली यानी आठवीं उच्चस्तरीय बैठक वियना में दोनों पक्षों की सुविधा के अनुसार आयोजित करने पर सहमति बनी है।
बैठक ऐसे समय हुई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा और तेल आपूर्ति की स्थिरता को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। ऐसे में भारत और OPEC के बीच संवाद को तेल उत्पादक और उपभोक्ता देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।

