तमिलनाडु की राजनीति में कन्याकुमारी में प्रस्तावित परमाणु खनिज (Atomic Mineral) खनन परियोजना को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। Kanimozhi Karunanidhi ने सत्तारूढ़ Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए खनन परियोजना की अवधि बढ़ाने के फैसले को “जनता के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात” करार दिया।
कनिमोझी ने आरोप लगाया कि TVK ने चुनाव से पहले कन्याकुमारी में परमाणु खनिज खनन का विरोध करने और स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करने का वादा किया था, लेकिन अब उसी परियोजना को आगे बढ़ाकर अपने रुख से पलट गई है। उन्होंने कहा कि यह फैसला पर्यावरण संरक्षण और जनता से किए गए वादों के विपरीत है।
मामले की जड़ उस सरकारी निर्णय से जुड़ी है, जिसमें कन्याकुमारी में बीच सैंड (Beach Sand) से परमाणु खनिजों के खनन के लिए IREL (India) Limited को दी गई आरक्षण अवधि को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया। इस कदम के बाद विपक्ष ने सरकार की नीयत और नीतियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
DMK का कहना है कि सरकार का यह फैसला चुनावी वादों के विपरीत है और इससे स्थानीय लोगों के विश्वास को ठेस पहुंची है। वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह तमिलनाडु की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

