नई दिल्ली/कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद और मशहूर अभिनेत्री कोयल मल्लिक (रुक्मिणी मल्लिक) ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसी वर्ष अप्रैल (2026) में राज्यसभा पहुंची कोयल का मात्र तीन महीने के भीतर इस्तीफा देना बंगाल से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
उपराष्ट्रपति को सौंपा इस्तीफा
सूत्रों के अनुसार, कोयल मल्लिक ने नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की और उन्हें अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंप दिया।
- टीसएमी सांसदों की संख्या घटी: कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद अब उच्च सदन (राज्यसभा) में तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों की संख्या घटकर 9 रह गई है।
- इस्तीफे की वजह स्पष्ट नहीं: हालांकि कोयल मल्लिक या तृणमूल कांग्रेस की तरफ से इस इस्तीफे के पीछे की आधिकारिक वजह अभी साफ नहीं की गई है, लेकिन कयासों का बाजार गर्म है।
बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज
इस्तीफा देने के तुरंत बाद कोयल मल्लिक की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है:
- बीजेपी नेताओं से मुलाकात: The Week की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्तीफा देने के तुरंत बाद कोयल मल्लिक को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव के आवास पर देखा गया।
- बीजेपी का रुख: राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि कोयल जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकती हैं।
TMC में गहराता संकट: चौथा बड़ा इस्तीफा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद से ही टीएमसी के भीतर अंदरूनी कलह और इस्तीफों का दौर थमता नहीं दिख रहा है।
- सांसदों का पलायन: कोयल मल्लिक से पहले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक जैसे दिग्गज नेता भी राज्यसभा और टीएमसी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
- बागी गुट सक्रिय: कोयल का इस्तीफा ठीक उसी समय आया है जब एक दिन पहले ही ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देकर बागी धड़े का हाथ थाम लिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणामों के बाद टीएमसी के भीतर बढ़ा असंतोष और शीर्ष नेतृत्व (विशेषकर अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव) को लेकर नाराजगी ही इस सिलसिलेवार इस्तीफों की मुख्य वजह बन रही है। कोयल मल्लिक का जाना ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा संगठनात्मक और छवि का नुकसान है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

