नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से पब्लिक एग्जामिनेशन बिल के पारित होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कानून परीक्षा प्रक्रिया में ईमानदारी (Integrity) और पारदर्शिता (Transparency) सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, यह विधेयक परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद करेगा।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा और योग्यता आधारित चयन प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखना बेहद आवश्यक है और नया कानून इसी उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में काम करेगा।
इस विधेयक का उद्देश्य विभिन्न सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं, नकल, पेपर लीक और संगठित धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके तहत दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़े दंड और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।
सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से सार्वजनिक भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, परीक्षार्थियों का भरोसा मजबूत होगा और देशभर में निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

