नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए PG हादसे के मामले में आरोपी सुधांशु और शुभम त्यागी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पटियाला हाउस कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी हादसे वाली इमारत में PG चला रहे थे। अब पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों को लेकर दोनों से पूछताछ और आगे की जांच करेगी।
PG हादसे के बाद आरोपियों पर कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन में जिस इमारत में हादसा हुआ था, वहां आरोपी सुधांशु और शुभम त्यागी PG का संचालन कर रहे थे। हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए दोनों को आरोपी बनाया। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद दोनों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेजों, इमारत की स्थिति और PG संचालन से संबंधित अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में 2250 PG का कराया गया सर्वे
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में PG और ऐसी इमारतों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़े स्तर पर सर्वे कराया। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 2250 PG का सर्वे किया गया।
सर्वे के दौरान 138 इमारतों में मरम्मत की जरूरत पाई गई, जबकि 4 इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया है। इससे राजधानी में PG की इमारतों की सुरक्षा और भवन मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
दक्षिणी जोन में सबसे ज्यादा PG
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, चिन्हित PG में से 90 PG दक्षिणी जोन में हैं। प्रशासन की ओर से अब ऐसी इमारतों की स्थिति और सुरक्षा मानकों पर नजर रखी जा रही है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद PG में रहने वाले छात्रों और युवाओं की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। खासकर पुरानी और बहुमंजिला इमारतों की नियमित जांच, मरम्मत और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
फिलहाल सत्य निकेतन PG हादसे के मामले में पुलिस की जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

