इस्लामाबाद / नई दिल्ली:
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जारी तनाव, हिंसक विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की कवरेज के बाद पाकिस्तान सरकार ने देश में डिजिटल सेंसरशिप को और कड़ा कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में कई स्थानीय और क्षेत्रीय डिजिटल न्यूज वेबसाइट्स के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय ब्रॉडकास्टर्स जैसे Al Jazeera English की पहुंच को भी सीमित कर दिया गया है।
- डिजिटल मीडिया पर शिकंजा: PoJK में हो रहे जनता के विरोध प्रदर्शनों और कथित सुरक्षा कार्रवाई पर रिपोर्टिंग करने वाले समाचार पोर्टलों को ब्लॉक/रिस्ट्रिक्ट किया गया है।
- अंतर्राष्ट्रीय मीडिया पर भी असर: अल जजीरा इंग्लिश जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ब्रॉडकास्टर्स को देश के कई हिस्सों में एक्सेस करना मुश्किल हो गया है।
- यूट्यूब चैनलों को चेतावनी: इस्लामाबाद न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के निर्देश पर, नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) के सुझावों के बाद कई यूट्यूब चैनलों को बैन करने की प्रक्रिया चल रही है। यूट्यूब ने लगभग 27 कंटेंट क्रिएटर्स को नियमों के उल्लंघन की सूचना जारी की है।
- विपक्ष और पत्रकारों पर निशाना: इन पाबंदियों की जद में मुख्य विपक्षी दल (PTI), पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े चैनल और सरकार के आलोचक पत्रकार शामिल हैं।
PoJK में स्थिति तनावपूर्ण
PoJK के मुजफ्फराबाद, रावलकोट और मीरपुर समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान देखा जा रहा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने सुरक्षा बलों पर आम नागरिकों के साथ हिंसा और अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की मांग की है।
डिजिटल राइट्स कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुख्यधारा (टीवी और प्रिंट) मीडिया पर पहले से ही कड़ा नियंत्रण है, ऐसे में सोशल मीडिया और डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स ही आम जनता की आवाज उठाने का जरिया बचे थे, जिन पर अब सरकार सेंसरशिप लागू कर रही है।
हालांकि, इन पाबंदियों पर पाकिस्तान सरकार या टेलीकॉम अथॉरिटी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

