बेंगलुरु:
कावेरी नदी जल बंटवारे और प्रस्तावित मेकेदाटू परियोजना (Mekedatu Project) को लेकर जारी राजनीतिक और कानूनी तनाव के बीच कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कावेरी विवाद का स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकालने के लिए सभी पक्षों को सहयोग और संतुलन बनाए रखना होगा।
तमिलनाडु द्वारा पारित प्रस्तावों और अंतर-राज्यीय बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे ने स्पष्ट किया कि कानूनी उपाय तलाशने का अधिकार सभी को है, लेकिन पानी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति के बजाय राज्यों के हित और नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
- सहयोग और समझदारी की जरूरत: प्रियंक खड़गे ने कहा कि कावेरी नदी का मुद्दा केवल दो राज्यों की राजनीति का विषय नहीं है, बल्कि किसानों और पेयजल आपूर्ति से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील मामला है, जिसमें सभी पक्षों से सहयोग अपेक्षित है।
- मेकेदाटू परियोजना पर रुख: कर्नाटक सरकार का तर्क है कि मेकेदाटू में बैलेंसिंग रिज़रवायर (संतुलन जलाशय) बनाने से न केवल कर्नाटक को पीने के पानी की समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि संकट के वर्षों में तमिलनाडु को भी पानी छोड़ने में आसानी होगी।
- कानूनी प्रक्रिया का सम्मान: उन्होंने दोहराया कि कर्नाटक सरकार सुप्रीम कोर्ट और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के निर्देशों और कानूनी दायरे के भीतर ही कदम उठा रही है।
प्रियंक खड़गे का बयान
“कावेरी जल विवाद एक ऐसा विषय है जहाँ सभी पक्षों को जमीनी हकीकत को समझना होगा। कानूनी रास्ते सबके लिए खुले हैं, लेकिन हमारा ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि दोनों राज्यों के लोगों और किसानों को इसका नुकसान न उठाना पड़े। इसके लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है।”
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- कावेरी विवाद का इतिहास: कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी नदी के पानी का बंटवारा एक दशक पुराना विवाद है, जो बारिश कम होने वाले वर्षों (Distress Years) में अधिक गंभीर हो जाता है।
- मेकेदाटू प्रोजेक्ट (Mekedatu Reservoir Project): कर्नाटक सरकार रामनगर जिले के मेकेदाटू में कावेरी नदी पर एक रिज़रवायर बनाना चाहती है, जिसका उद्देश्य बेंगलुरु शहर के लिए पीने के पानी का भंडारण और बिजली उत्पादन करना है। तमिलनाडु सरकार इस परियोजना का यह कहकर विरोध कर रही है कि इससे उनके हिस्से के पानी के प्रवाह में बाधा आएगी।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

