दुबई / तेहरान:
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते सुरक्षा तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के खिलाफ बड़ा कड़ा कदम उठाया है। UAE सरकार ने ईरान के साथ अपने सभी प्रकार के व्यापारिक, व्यावसायिक और वित्तीय लेन-देन (Financial Transactions) को ‘अगले आदेश तक’ तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
- मिसाइल अलर्ट और सुरक्षा चेतावनी: UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनकी एयर डिफेंस प्रणालियों ने ईरान की ओर से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक किया था। रक्षा एजेंसियों का आकलन है कि इन मिसाइलों का लक्ष्य समुद्री जहाजों की आवाजाही (Maritime Traffic) को बाधित करना था।
- समुद्र में गिरीं मिसाइलें: दागी गई दोनों मिसाइलें समुद्र में जा गिरीं, जिनमें से एक UAE की प्रादेशिक सीमा के भीतर और दूसरी सीमा से बाहर गिरी। घटना के दौरान स्थानीय नागरिकों और निवासियों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर रहने का इमरजेंसी फोन अलर्ट जारी किया गया था, जिसे स्थिति सामान्य होने के बाद हटा लिया गया।
UAE का आधिकारिक रुख
UAE विदेश मंत्रालय की रणनीतिक संचार निदेशक अफ़रा अल हैमली ने कहा कि यह फैसला क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा को खतरे में डालने वाले तनाव को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि UAE अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नियमों के पालन और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।
ईरान ने आरोपों को नकारा
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागेई ने UAE के दावों और आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें “बेबुनियाद” बताया है। तेहरान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के बयान पड़ोसी देशों के बीच विश्वास निर्माण के प्रयासों को नुकसान पहुंचाते हैं और क्षेत्र में अविश्वास तथा तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं।

