पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में मानवाधिकार परिषद ने इंटरनेट सेवाओं को तत्काल बहाल करने की मांग की है। परिषद ने छात्र की मौत से जुड़े मामले की जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
मानवाधिकार परिषद के मुताबिक, इंटरनेट सेवाओं पर रोक से आम लोगों, छात्रों और युवाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिषद ने संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने और लोगों की डिजिटल कनेक्टिविटी बहाल करने की मांग की है।
इसके साथ ही परिषद ने एक छात्र की मौत की जांच को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया में तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए और संबंधित पक्षों को उचित जानकारी दी जानी चाहिए।
परिषद का कहना है कि इंटरनेट जैसी आवश्यक सेवा को लंबे समय तक बाधित रखना लोगों के सूचना के अधिकार को प्रभावित करता है। वहीं, छात्र की मौत जैसे संवेदनशील मामले में पारदर्शी जांच से ही लोगों का भरोसा कायम किया जा सकता है।
मानवाधिकार परिषद ने अधिकारियों से दोनों मुद्दों पर जल्द कार्रवाई करने और स्थिति को सामान्य बनाने की अपील की है।

