रायपुर। कांग्रेस द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभारी पद से हटाकर असम की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस के इस फैसले को लेकर भूपेश बघेल पर निशाना साधा है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव और वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के संगठनात्मक बदलाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अरुण साव बोले- राजनीतिक रूप से उपयोगी नहीं रहे बघेल
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि पंजाब में भूपेश बघेल के खिलाफ कथित तौर पर ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक दृष्टि से भूपेश बघेल को उपयोगी नहीं माना, जिसके चलते उनका प्रभार बदल दिया गया।
अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस के इस फैसले से पार्टी के भीतर भूपेश बघेल की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, यह बीजेपी की ओर से कांग्रेस के फैसले पर की गई राजनीतिक टिप्पणी है।
नक्सलवाद के मुद्दे पर भी अरुण साव का बयान
नक्सलियों के समर्थन में वीडियो सामने आने के मामले पर भी अरुण साव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही ‘दिमागी नक्सलियों’ से सावधान रहने की बात कह चुके हैं।
अरुण साव ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सशस्त्र नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश और संविधान के खिलाफ बात करने वाले लोगों की संख्या में भी धीरे-धीरे कमी आएगी और उम्मीद जताई कि ऐसे लोग भी आगे चलकर सही रास्ते पर आएंगे।
अजय चंद्राकर ने भी साधा निशाना
बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने भी भूपेश बघेल को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल राष्ट्रीय राजनीति में जहां भी गए, वहां विवाद और असफलता देखने को मिली।
पंजाब का जिक्र करते हुए चंद्राकर ने दावा किया कि उनके वहां प्रभारी बनने से पहले कांग्रेस में इस स्तर की कलह नहीं थी, लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान पार्टी के भीतर विवाद बढ़ा। उन्होंने यह भी कहा कि भूपेश बघेल अब तक राष्ट्रीय राजनीति में अपनी योग्यता साबित नहीं कर पाए हैं।
असम की जिम्मेदारी के बाद बढ़ी सियासी हलचल
कांग्रेस संगठन में भूपेश बघेल को पंजाब से हटाकर असम का प्रभारी बनाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इस संगठनात्मक बदलाव को लेकर आने वाले दिनों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

