रायपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर क्षत्रिय करणी सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने प्रदेशवासियों एवं समस्त सनातन समाज को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और गुरु के मार्गदर्शन के बिना जीवन में ज्ञान, संस्कार और सफलता प्राप्त करना संभव नहीं है।
तोमर ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का विशेष अवसर है। उन्होंने सभी लोगों से अपने गुरु के बताए मार्ग पर चलने तथा भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। वेद व्यास ने वैदिक ज्ञान का संकलन कर उसे ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद के रूप में व्यवस्थित किया तथा अपने शिष्यों के माध्यम से उसका प्रचार-प्रसार किया। इसी महान योगदान के कारण उन्हें भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख स्तंभ माना जाता है।
तोमर ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का महत्व केवल सनातन धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि बौद्ध और जैन धर्म में भी यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से गुरुजनों का सम्मान करने, उनके आदर्शों का पालन करने और समाज में ज्ञान एवं संस्कार की परंपरा को मजबूत करने का संदेश दिया।

