नई दिल्ली: भारत की प्रमुख सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स कंपनियों में शामिल TVS Supply Chain Solutions (TVS SCS) ने जापान की लॉजिस्टिक्स और इंजीनियरिंग कंपनी Sankyu Inc. के साथ रणनीतिक साझेदारी के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। इस साझेदारी का मकसद सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और इंजीनियरिंग सेवाओं के क्षेत्र में नए कारोबारी अवसर तलाशना और औद्योगिक ग्राहकों को एकीकृत सेवाएं उपलब्ध कराना है।
भारत से शुरू होगी साझेदारी
दोनों कंपनियां शुरुआत में भारत के मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर फोकस करेंगी। साझेदारी के तहत लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्टेशन, इंजीनियरिंग सर्विसेज, मेंटेनेंस और ऑन-साइट इंडस्ट्रियल सपोर्ट जैसी सेवाओं को एक साथ उपलब्ध कराने के अवसर तलाशे जाएंगे।
इस साझेदारी से भारत में काम कर रही जापानी कंपनियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर में 1,400 से अधिक जापानी कंपनियां सक्रिय हैं, जिससे दोनों कंपनियों के लिए बड़ा संभावित बाजार मौजूद है।
Sankyu लेगी TVS SCS में 0.5% हिस्सेदारी
MoU के तहत जापान की Sankyu Inc. ने TVS Supply Chain Solutions में 0.5 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी हासिल करने की मंशा जताई है। यह निवेश जरूरी नियामकीय मंजूरियों के अधीन होगा।
एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका तक विस्तार की योजना
साझेदारी का शुरुआती फोकस भारत रहेगा, लेकिन आगे चलकर दोनों कंपनियां एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका समेत अन्य वैश्विक बाजारों में भी संयुक्त अवसर तलाश सकती हैं। इसके लिए दोनों कंपनियों की विशेषज्ञता और मौजूदा कारोबारी नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा।
TVS Supply Chain Solutions के चेयरमैन आर. दिनेश के मुताबिक, Sankyu की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और जापानी औद्योगिक क्षेत्र में उसके मजबूत संबंध, TVS SCS की इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन क्षमताओं और बाजार में मौजूदगी के पूरक हैं।
संयुक्त कमेटी करेगी साझेदारी की निगरानी
दोनों कंपनियां एक ज्वाइंट स्टीयरिंग कमेटी भी बनाएंगी, जिसमें दोनों संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह कमेटी नए कारोबारी अवसरों की पहचान, रणनीतिक पहलों की निगरानी और ग्राहकों के लिए एकीकृत समाधान विकसित करने का काम करेगी।
कुल मिलाकर, TVS Supply Chain Solutions और Sankyu Inc. की यह साझेदारी भारत के तेजी से बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में दोनों कंपनियों की मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। साथ ही, इससे भविष्य में भारतीय और जापानी औद्योगिक कंपनियों के लिए सप्लाई चेन तथा इंजीनियरिंग सेवाओं का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।

