नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। कारोबार के अंत में Sensex 362.62 अंक यानी 0.50 फीसदी गिरकर 76,132.81 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 भी 0.50 फीसदी की गिरावट के साथ 23,779.15 पर पहुंच गया।
क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent crude की कीमत 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तेल की सप्लाई और शिपिंग को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। Brent सोमवार को करीब 97.60 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो करीब सात सप्ताह का उच्च स्तर है।
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी चिंता का विषय है। महंगा क्रूड महंगाई, कंपनियों की लागत और देश के बाहरी भुगतान संतुलन पर दबाव बढ़ा सकता है।
IT शेयरों पर भी दबाव
बाजार में बिकवाली का दबाव कई प्रमुख सेक्टरों में देखने को मिला। खासकर IT शेयरों में कमजोरी ने प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ाया। निवेशक वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बन रही संभावनाओं पर भी नजर बनाए हुए हैं।
अमेरिका की ब्याज दरों पर भी बाजार की नजर
अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों के बाद सितंबर में फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका भी बढ़ी है। इससे वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। ऊंची ब्याज दरों की संभावना विदेशी निवेश और उभरते बाजारों पर दबाव डाल सकती है।
आगे भी उतार-चढ़ाव रह सकता है
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमत और पश्चिम एशिया की स्थिति भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। यदि हॉर्मुज क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में और तेजी की आशंका बाजार के लिए अतिरिक्त दबाव पैदा कर सकती है। फिलहाल निवेशक वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल के दाम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

