कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी सियासी घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक सरबोरी मुखर्जी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह काम नहीं है कि वह तय करे कि TMC का कौन-सा गुट असली है और कौन-सा नकली। उनके अनुसार, यह फैसला संबंधित संस्थाओं और जनता पर छोड़ देना चाहिए।
मीडिया से बातचीत के दौरान सरबोरी मुखर्जी ने कहा कि TMC के भीतर जो विवाद सामने आ रहे हैं, वे पार्टी की आंतरिक राजनीति का हिस्सा हैं। भाजपा का ध्यान इन विवादों पर टिप्पणी करने के बजाय राज्य के लोगों से जुड़े मुद्दों पर है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता पिछले 15 वर्षों में भ्रष्टाचार, कुशासन और विभिन्न घोटालों से परेशान हो चुकी है और अब लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है।
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने अपने शासनकाल में राज्य की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती घोटाले, राशन वितरण में कथित अनियमितताएं, कोयला और मवेशी तस्करी जैसे कई मामलों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनके मुताबिक, इन घटनाओं के कारण आम लोगों का सरकार पर भरोसा लगातार कम हुआ है।
सरबोरी मुखर्जी ने यह भी कहा कि TMC के नेता और कार्यकर्ता अब एक-दूसरे पर ही आरोप लगा रहे हैं, जिससे साफ है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जब एक ही पार्टी के लोग एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो इससे जनता के सामने पार्टी की छवि और कमजोर हो रही है।
उन्होंने TMC पर हमला बोलते हुए कहा कि यह पार्टी सिद्धांतों और विचारधारा के बजाय सत्ता और स्वार्थ की राजनीति करती है। उनके अनुसार, जब पूरी पार्टी पर ही भ्रष्टाचार के आरोप लगे हों, तब उसके भीतर ‘असली’ और ‘नकली’ गुट की बहस का कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता।
भाजपा विधायक ने TMC पार्षद देबराज चक्रवर्ती पर लगे कथित वसूली और धमकी के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जनता का कानून व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
सरबोरी मुखर्जी ने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले समय में भ्रष्टाचार तथा कुशासन के खिलाफ अपना फैसला लोकतांत्रिक तरीके से देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में विकास, पारदर्शिता और सुशासन के मुद्दों को लेकर जनता के बीच लगातार काम कर रही है।
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर हाल के दिनों में नेतृत्व और संगठन को लेकर उठे विवादों ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। इसी बीच भाजपा नेताओं के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्मा रहे हैं।

