नई दिल्ली:
बच्चों में तेजी से बढ़ती स्मार्टफोन की लत और इंटरनेट पर उनकी सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। बच्चों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल माहौल तैयार करने के उद्देश्य से सरकार भारत में बिकने वाले सभी नए स्मार्टफोन्स में ‘माइनर मोड’ (Minor Mode) देना अनिवार्य करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने से माता-पिता को अपने बच्चों के फोन इस्तेमाल और ऑनलाइन गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण (Parental Control) मिल सकेगा।
क्या है ‘माइनर मोड’ और कैसे करेगा काम?
यह विशेष मोड माता-पिता (Parents) को कई डिजिटल नियंत्रण और सुरक्षा फीचर्स प्रदान करेगा:
- स्क्रीन टाइम पर लिमिट: माता-पिता बच्चों के रोजाना फोन इस्तेमाल करने का समय तय कर सकेंगे।
- रात में ऐप एक्सेस पर रोक: रात के समय फोन या सोशल मीडिया ऐप्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने की सुविधा होगी, जिससे बच्चों की नींद और स्वास्थ्य प्रभावित न हो।
- ऐप डाउनलोड पर पेरेंटल अप्रूवल: बच्चे बिना अभिभावक की अनुमति के कोई नया ऐप डाउनलोड नहीं कर पाएंगे।
- हानिकारक कंटेंट पर फ़िल्टर: बच्चों की उम्र के हिसाब से ऐप्स की पहुंच तय होगी और अनुचित या अश्लील सामग्री (Harmful Content) अपने आप फ़िल्टर हो जाएगी।
सुरक्षित डिजिटल भविष्य की ओर कदम
सरकार का मुख्य उद्देश्य बच्चों को इंटरनेट के दुष्प्रभावों, साइबर बुलिंग और अवांछित सामग्री से बचाना है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो स्मार्टफोन कंपनियों को भारतीय बाजार में बेचे जाने वाले सभी डिवाइसेज में यह इन-बिल्ट फीचर देना होगा। इससे बच्चों के सुरक्षित, संतुलित और अनुशासित डिजिटल उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

