तेहरान/वाशिंगटन:
ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण तनाव के बीच ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। IRGC के अनुसार, जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य और रसद ठिकानों को निशाना बनाकर कई ड्रोन हमले किए गए हैं, जिनसे अमेरिका को भारी नुकसान पहुँचा है।
इस घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
IRGC का दावा: जॉर्डन की एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी
ईरानी सेना (IRGC) का सबसे बड़ा आरोप यह है कि जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सटीक लोकेशन और गोपनीय जानकारी उसे जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसियों से ही हासिल हुई थी। ईरान का कहना है कि इसी खुफिया इनपुट के आधार पर जॉर्डन स्थित अमेरिकी अड्डों पर सटीक ड्रोन हमले अंजाम दिए गए।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया और अमेरिकी एजेंसियों का रुख
- हमलों की सटीकता पर सवाल: अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जॉर्डन में हुए इन हमलों की अचूक सटीकता ने अमेरिकी खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है।
- मामले की उच्चस्तरीय जांच: अमेरिकी एजेंसियां इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि क्या वाकई किसी सुरक्षा लीक के चलते इन ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ध्यान देने योग्य बात:
हालाँकि ईरान ने इन सैन्य अड्डों पर बड़े नुकसान और खुफिया जानकारी मिलने के दावे किए हैं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

