नई दिल्ली/अयोध्या। अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्राप्त दान राशि में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष लगातार सरकार और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठा रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच निष्पक्ष होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
“SIT की रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई”
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में पंकज चौधरी ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि मथुरा समेत अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा करनी चाहिए।
पूर्व सपा विधायक पवन पांडे ने आरोप लगाया है कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर की दान पेटी और चढ़ावे की राशि में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी हुई है। शिकायत मिलने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
अब तक की प्रमुख कार्रवाई
- मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है।
- जांच को व्यापक बनाने के लिए SIT को अतिरिक्त समय दिया गया है ताकि वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा सके।
- मामले को लेकर मंदिर ट्रस्ट और प्रशासनिक स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
विपक्ष का सरकार पर हमला
इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार भाजपा सरकार पर निशाना साध रहा है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मंदिर के दान से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
जांच पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल पूरे मामले की निगाहें SIT की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। भाजपा का कहना है कि सरकार पारदर्शी जांच के पक्ष में है और किसी भी दोषी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाए हुए है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और उससे जुड़ी कार्रवाई इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।

