नई दिल्ली: राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्षी नेताओं को ‘नकली सनातनी’ बताते हुए आरोप लगाया कि जो लोग कभी भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वही आज राजनीतिक लाभ के लिए रामभक्ति का दिखावा कर रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनकी आस्था को राजनीति का माध्यम बनाना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने वर्षों तक भगवान राम और सनातन परंपरा को लेकर सवाल उठाए, लेकिन अब बदलते राजनीतिक माहौल में जनता की भावनाओं को देखते हुए खुद को रामभक्त साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और यह समझती है कि कौन वास्तविक रूप से सनातन संस्कृति और भगवान राम के प्रति श्रद्धा रखता है और कौन केवल चुनावी फायदे के लिए धार्मिक मुद्दों का सहारा ले रहा है। उन्होंने विपक्ष पर धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद पर गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता, गड़बड़ी या भ्रष्टाचार सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम करेगा और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी। यदि कोई व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर विपक्ष मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग कर रहा है, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि आस्था से जुड़े इस विषय पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए और किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

