रायपुर/भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से जुड़े बहुचर्चित स्क्रैप चोरी मामले में अब जांच का दायरा और बढ़ गया है। राज्य शासन ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का फैसला किया है। अब तक मामले की जांच दुर्ग जिला पुलिस कर रही थी। यह मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 277/2026 से जुड़ा है।
250 टन से ज्यादा स्क्रैप चोरी का आरोप
पुलिस की जांच में सामने आया कि BSP से बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप कथित तौर पर चोरी कर प्लांट से बाहर ले जाया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, करीब 250 टन स्क्रैप चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। जांच के दौरान चोरी के स्क्रैप को रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड, रसमड़ा में खपाए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने मामले में ट्रांसपोर्टर, बिचौलियों और स्क्रैप खरीदने वाले कारोबारियों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया। 19 सितंबर तक सामने आई रिपोर्टों के अनुसार मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 21 तक पहुंच चुकी थी। इसी क्रम में रायपुर पावर एंड स्टील के मैनेजिंग डायरेक्टर और एक डायरेक्टर की गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई थी।
ऐसे सामने आया स्क्रैप चोरी का मामला
जांच में पुलिस को कथित तौर पर ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे चोरी किए गए स्क्रैप को एक निजी औद्योगिक इकाई तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, स्क्रैप को पहले एक गोदाम में जमा किया जाता था और इसके बाद रसमड़ा स्थित औद्योगिक इकाई में पहुंचाया जाता था।
जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में वाहनों के जरिए स्क्रैप को प्लांट से बाहर ले जाने के तरीके और उसके बाद की सप्लाई चेन की भी पड़ताल की गई। मामले में तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
CBI के पास जाने से जांच का दायरा बढ़ेगा
राज्य सरकार की ओर से CBI जांच की अनुमति दिए जाने के बाद अब मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी करेगी। इस मामले में चोरी किए गए स्क्रैप की पूरी सप्लाई चेन, उससे जुड़े लोगों और कथित नेटवर्क की भूमिका की जांच CBI के स्तर पर की जाएगी।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। वहीं, जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे और लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
BSP कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
स्क्रैप चोरी का मामला सामने आने के बाद BSP प्रबंधन ने भी आंतरिक स्तर पर कार्रवाई की है। रिपोर्टों के अनुसार, प्लांट के तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और मामले से जुड़े पहलुओं की आंतरिक जांच भी जारी है।
मामले में कथित अंदरूनी मिलीभगत की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका या जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अब CBI जांच पर रहेगी नजर
BSP स्क्रैप चोरी मामले में अब तक पुलिस की कार्रवाई के बाद जांच CBI के हाथों में पहुंच गई है। 21 आरोपियों की गिरफ्तारी और निजी कंपनी से जुड़े लोगों तक जांच पहुंचने के बाद मामले को लेकर पहले ही चर्चा तेज थी। अब CBI जांच के बाद इस कथित स्क्रैप नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे, चोरी का पूरा तरीका क्या था और इसकी पूरी सप्लाई चेन कैसे काम कर रही थी, इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।

