महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA TET 2026) एक बार फिर विवादों में आ गई है। परीक्षा से ठीक पहले पेपर लीक की आशंका सामने आने के बाद प्रशासन को परीक्षा रद्द करने का फैसला लेना पड़ा। इस घटना ने राज्य में हड़कंप मचा दिया है और हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य एक बार फिर अनिश्चितता में चला गया है।
कैसे सामने आया मामला?
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र TET 2026 की परीक्षा 28 जून को आयोजित होनी थी। लेकिन परीक्षा से पहले ही ठाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सूचना मिली।
छापेमारी के दौरान कुछ लोगों के पास परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र जैसे दस्तावेज बरामद हुए। जांच में शुरुआती तौर पर यह संकेत मिला कि ये प्रश्न असली परीक्षा पेपर से मेल खा सकते हैं। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए परीक्षा को स्थगित कर दिया।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा को फिलहाल रोक दिया गया है और विस्तृत जांच जारी है।
छात्रों में नाराज़गी, मेहनत पर पानी फिरा
इस परीक्षा में लाखों उम्मीदवार शामिल होने वाले थे, जिन्होंने शिक्षक बनने के लिए महीनों से तैयारी की थी। परीक्षा अचानक रद्द होने से छात्रों में भारी नाराज़गी और निराशा देखने को मिल रही है।
कई अभ्यर्थियों का कहना है कि हर बार पेपर लीक या गड़बड़ी के कारण उनकी मेहनत बेकार हो जाती है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
राहुल गांधी का हमला
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक की घटनाएँ परीक्षा प्रणाली की गंभीर विफलता को दर्शाती हैं। राहुल गांधी ने इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।
विपक्ष और छात्रों की मांग
विपक्षी दलों ने भी सरकार से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि—
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी है
- पेपर लीक एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है

