नई दिल्ली: भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा है कि देश जल्द ही 300 गीगावाट (GW) की स्थापित गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता का आंकड़ा पार कर लेगा।
प्रल्हाद जोशी ने बताया कि भारत की ऊर्जा नीति में नवीकरणीय ऊर्जा को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और बैटरी स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है, जिससे देश की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को मजबूती मिल रही है।
उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा व्यवस्था तैयार करना भी है। सरकार की योजनाओं के तहत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जा रहा है और PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत आने वाले समय में लाखों और घरों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने यह भी कहा कि भारत की बढ़ती स्वच्छ ऊर्जा क्षमता देश को वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद करेगी। सरकार 2030 तक बड़े स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के लक्ष्य पर काम कर रही है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भारत का यह कदम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की आर्थिक विकास संभावनाओं के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

