नई दिल्ली, 30 जून 2026: चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। गठबंधन के 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत को संयुक्त पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला 8 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई INDIA गठबंधन की बैठक में लिया गया था। उस बैठक में 21 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सदस्य ने भाग लिया था।
जयराम रमेश के अनुसार, बैठक में चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया, चुनावी पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों पर देश के मुख्य न्यायाधीश का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक संयुक्त पत्र भेजने का निर्णय लिया गया था। इसी निर्णय के तहत मंगलवार, 30 जून को यह पत्र औपचारिक रूप से CJI को भेज दिया गया।
उन्होंने बताया कि अब इस पत्र पर 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के हस्ताक्षर हैं। उनका कहना है कि विपक्ष लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही के मुद्दे पर पूरी एकजुटता के साथ खड़ा है।
विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार इन आरोपों को पहले भी खारिज कर चुके हैं और SIR प्रक्रिया को कानून के अनुरूप तथा चुनावी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने वाला कदम बता चुके हैं।
अब इस संयुक्त पत्र के बाद निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्य न्यायाधीश और न्यायपालिका इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाती है, क्योंकि यह मामला देश की चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है।

