बैकुंठपुर (कोरिया)। चर्चित नौगई हत्याकांड को लेकर कोरिया जिले में न्याय की मांग अब और तेज होती नजर आ रही है। हत्याकांड में मृतक भरत सिंह की तेरहवीं पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा जताया।
सभा को संबोधित करते हुए करणी सेना के नेताओं ने कहा कि यह मामला अब केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि न्याय और समाज के सम्मान का प्रश्न बन चुका है। संगठन ने राज्य सरकार को 19 जुलाई तक का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
पुलिस जांच पर उठाए सवाल
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अब तक की कार्रवाई अधूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद मामले से जुड़े कथित प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार और समाज में असंतोष है। उन्होंने निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग दोहराई।
सरकार के सामने रखीं चार प्रमुख मांगें
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं—
- कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी तय करते हुए गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग।
- मामले की जांच CBI अथवा उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) से कराए जाने की मांग।
- संदिग्ध भूमिका वाले प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई।
- मामले में सामने आए सभी सह-आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई।
पीड़ित परिवार ने कहा— “हमें राजनीति नहीं, न्याय चाहिए”
श्रद्धांजलि सभा के दौरान पीड़ित परिवार की ओर से राजेंद्र सिंह ‘दद्दा’ ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनका परिवार किसी राजनीतिक उद्देश्य से आंदोलन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे केवल निष्पक्ष न्याय चाहते हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र में भय का माहौल है, जिसके कारण कई गवाह खुलकर सामने आने से डर रहे हैं। उन्होंने गवाहों की सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
19 जुलाई को महा-श्रद्धांजलि सभा और केसरिया मार्च
करणी सेना ने घोषणा की कि 19 जुलाई को दोपहर 1:15 बजे घटनास्थल पर विशाल श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। संगठन ने प्रदेशभर से समाज के लोगों और न्याय की मांग का समर्थन करने वाले नागरिकों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
करणी सेना द्वारा गृह मंत्री के इस्तीफे, CBI जांच और अन्य मांगों को लेकर दबाव बढ़ाए जाने के बीच राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई नया आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में सरकार क्या कदम उठाती है और 19 जुलाई से पहले मामले में कोई महत्वपूर्ण प्रगति होती है या नहीं।

