चेन्नई / रानीपेट: विदुथलाई चिरुथाईगल कात्ची (VCK) के विधायक वन्नी अरासु ने द्रमुक (DMK) के वरिष्ठ नेता ए राजा के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन को आगामी चुनाव अकेले लड़ने की सलाह दी थी।
वन्नी अरासु ने आरोप लगाया कि चुनाव में मिली हार के बाद ए राजा इस तरह के तर्कहीन बयान दे रहे हैं और वे डीएमके को भाजपा (BJP) के राजनीतिक रास्ते पर धकेलने का प्रयास कर रहे हैं।
- ए राजा की सलाह: डीएमके नेता ए राजा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन को यह सुझाव दिया था कि डीएमके को भविष्य के सभी चुनाव बिना किसी गठबंधन के, अकेले ही लड़ने चाहिए।
- वीसीके का विरोध: इस पर पलटवार करते हुए वीसीके विधायक वन्नी अरासु ने कहा कि यह कदम डीएमके को विपक्षी खेमे से अलग कर भाजपा की राह पर ले जाने जैसा है।
तमिलनाडु विधानसभा में हंगामा
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच, तमिलनाडु विधानसभा में भी भारी हंगामा देखने को मिला:
- डीएमके का वॉकआउट: मुख्यमंत्री विजय (TVK प्रमुख और वर्तमान सीएम) के भाषण के दौरान डीएमके विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।
- सीएम विजय के आरोप: मुख्यमंत्री विजय ने विपक्ष पर “आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति” और पिछली स्टालिन सरकार पर भ्रष्टाचार तथा कानून-व्यवस्था (विशेषकर ड्रग्स की समस्या और डीजीपी की नियुक्ति में देरी) को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
- गठबंधन में रार: डीएमके ने तमिलनाडु वेत्री कड़गम (TVK) पर “हॉर्स-ट्रेडिंग” (विधायकों की खरीद-फरोख्त) का आरोप लगाया है, क्योंकि सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के कुछ सहयोगी दलों (जैसे सीपीआई-एम और आईयूएमएल) ने सत्ता पक्ष का रुख किया है। हालांकि, सीएम विजय ने कहा कि इन दलों ने अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लिए हैं।

