नई दिल्ली: लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस विधेयक का समर्थन करती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सरकार की पिछले वर्षों की विफलताओं को नजरअंदाज कर दिया जाए। बनर्जी ने कहा कि “यह विधेयक 12 साल की नाकामियों और छात्रों के टूटे सपनों को नहीं मिटा सकता।”
संसद में बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सख्त कानून जरूरी है, लेकिन केवल सजा बढ़ाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा करने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में विफल रही है।
बनर्जी ने कहा कि यह विधेयक सरकार की सफलता नहीं, बल्कि उसकी विफलता को स्वीकार करने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर पड़ती है, सरकार नया कानून या नई समिति बनाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करती है। उनके अनुसार, सुशासन का आकलन घोषणाओं से नहीं बल्कि वास्तविक परिणामों से होता है।
लोकसभा में इस विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। एक ओर केंद्र सरकार ने इसे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया, वहीं विपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सवाल उठाए।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

