नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान से जुड़े एक पुराने बयान पर खेद जताने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से की।
रीजीजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए सवाल किया कि झूठे आरोप लगाने के बाद सबसे अधिक माफी किसने मांगी है—राहुल गांधी ने या अरविंद केजरीवाल ने। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए एक बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी बिना शर्त माफी मांग चुके हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव प्रचार से जुड़ा है। झाबुआ में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर कार्तिकेय चौहान का नाम पनामा पेपर्स मामले से जोड़ दिया था। इसके बाद कार्तिकेय चौहान ने इसे मानहानिकारक बताते हुए भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। अदालत ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी किया, जिसे चुनौती देते हुए उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट में राहुल गांधी ने जताया खेद
मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में लिखित रूप से खेद व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2018 में दिया गया उनका बयान गलत तथ्यों और गलतफहमी पर आधारित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था।
राहुल गांधी की ओर से खेद जताए जाने के बाद कार्तिकेय चौहान के वकील ने अदालत को बताया कि उनका पक्ष इस खेद को स्वीकार करता है और मामले को समाप्त करने पर सहमत है। इसके बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
सियासत हुई तेज
राहुल गांधी के खेद जताने के बाद इस मामले ने एक बार फिर राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा इसे कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाने का मुद्दा बना रही है, जबकि कांग्रेस की ओर से इस पर फिलहाल कोई विस्तृत राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।

